

रींगस/सीकर. उपखण्ड अधिकारी रींगस बृजेश गुप्ता ने बताया कि ग्राम पंचायत सरगोठ में आयोजित पंडित दीनदयाल उपाध्याय अन्त्योदय संबल पखवाडा शिविर के दौरान पदयात्रियों और ग्रामीणों के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। सरपंच मोहन लाल यादव एवं उपसरपंच ममता जांगिड़ ने परसरामपुरा रीको क्षेत्र से रींगस तक के पुराने व प्रचलित कच्चे रास्ते को राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज करने का अनुरोध किया। यह रास्ता न केवल ग्रामीणों के लिए उपयोगी है, बल्कि फाल्गुन मेले के दौरान जयपुर से खाटूधाम आने वाले हजारों पदयात्रियों का भी मुख्य मार्ग है।
यह रास्ता लंबे समय से उपयोग में होने के बावजूद राजस्व अभिलेखों में दर्ज नहीं था, जिसके कारण ग्राम पंचायत द्वारा मनरेगा योजनान्तर्गत इसका विकास संभव नहीं हो पा रहा था। तहसीलदार विवेक कटारिया ने मौके का निरीक्षण कर तत्काल प्रस्ताव तैयार करवाए, जिन्हें उपखण्ड अधिकारी की स्वीकृति के पश्चात राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज कर लिया गया। इस मुख्य रास्ते के अलावा ग्राम पंचायत के अन्य 14 प्रचलित रास्तों के प्रस्ताव भी शिविर के दौरान स्वीकृत किए गए। इस निर्णय से ग्रामवासियों और खाटूधाम जाने वाले पदयात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। मौके पर उपस्थित ग्रामीणों, सरपंच व उपसरपंच ने इस महत्वपूर्ण पहल के लिए मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा एवं राज्य सरकार का आभार व्यक्त किया।



